कठोपनिषद (रथ दृष्टांत)

 कठोपनिषद (रथ दृष्टांत)


→ 1. शरीर (Body) – रथ है जीवन का साधन, खुद निर्णय नहीं लेता।


2. पाँच इंद्रियाँ (Five Senses) - घोड़े सुख की ओर दौड़ती हैं, नियंत्रण जरूरी।


3. मन (Mind) - लगाम → इंद्रियों को नियंत्रित करता है।


4. बुद्धि (Intellect) - सारथी करती है। सही-गलत का निर्णय


← 5. आत्मा (Soul) - रथ का स्वामी अंतिम लक्ष्य को जानने वाली चेतना।


सार - जब आत्मा जाग्रत, बुद्धि विवेकपूर्ण, मन नियंत्रित और इंद्रियाँ अनुशासित हों- तभी जीवन सही दिशा में चलता है।


आपका अपना 

आचार्य दीपक सिक्का 

संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी 

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