दशमेश चतुर्थ भावस्थ

 ॐ नमः शिवाय


दशमेश चतुर्थ भावस्थ


दशमेश जब भी चतुर्थ भाव में बैठेगा जातक को सभी प्रकार की सुख, सुविधाएं प्रदान करेगा। 


माता के साथ  जातक की अच्छी बनेगी। माता जातक का प्रत्येक कार्य में पूरा साथ देगी।


जनता के बीच जातक की इमेज सदैव सकारात्मक रहेगी। जनता जातक को खूब मान सम्मान देगी। जातक को अपनी पलकों पर बिठाएगी।


जातक भूमि, प्रॉपर्टी, कृषि, शिक्षा, ज्योतिष और वास्तु से संबंधित कार्य कर सकता है। सरकारी नौकरी में उच्चस्थ पद पर हो सकता है। किसी NGO या संगठन का संस्थापक या उच्च पद पर हो सकता है। जातक यदि व्यापार में हो तो अपने पिता का कारोबार भी अपना सकता है। 


जातक को छोटे भाई बहनों से, पड़ोसियों से, माता से, मामा से, ननिहाल से लाभ और सुख प्राप्त हो सकता है। 


जातक के मित्र विश्वास घाती, धन हानि और स्वास्थ्य हानि करने वाले, पीठ पीछे शत्रुता रखने वाले, टांग खींचने वाले और संख्या में कम हो सकते हैं।


जातक का ससुराल पक्ष उपदेश देने वाला, हर बात पर टोका टाकी करने वाला, जातक को अपने से नीचा दिखाने वाला और जातक को सदैव धर्म और ज्ञान का पाठ पढ़ाने वाला हो सकता है। 


यदि दशमेश कोई पापी ग्रह है जैसे शनि, मंगल और सूर्य या दशमेश राहु केतु से पीड़ित हो या दशमेश राहु केतु के एक्सिस में हो तो जातक की माता का स्वास्थ्य खराब रह सकता है। जातक को माता का सहयोग न्यूनतम मात्रा में ही प्राप्त होगा। ऐसी स्थिति में जातक के पास प्रॉपर्टी और गाड़ियां तो बहु संख्या में होंगी लेकिन जातक को उनका सुख कम ही प्राप्त होगा। जातक का जनता के बीच में नाम खराब हो सकता है।


आचार्य दीपक सिक्का

संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी

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