प्रेत बाधा योग

ॐ नमः शिवाय 


प्रेत बाधा योग


मेरे विचार से प्रेत बाधा के लिए सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण ग्रह चंद्र ही है क्योंकि चंद्र कमज़ोर तो मन कमज़ोर और मन कमज़ोर हो तो कोई भी बाहरी व्यक्ति हमारे ऊपर अपना कब्ज़ा कर सकता है। 


दूसरा बिंदु है की जातक की कुंडली में पाप ग्रहों की क्या स्थिति है और पाप ग्रह चंद्र और गुरु को कितना प्रभावित कर रहे हैं फिर चाहे वो प्रभाव दृष्टि प्रभाव हो या फिर युति प्रभाव।


तीसरा महत्वपूर्ण बिंदु जातक का लग्न है। क्योंकि लग्न कमज़ोर तो सब कुछ कमज़ोर और लग्न बलवान हो तो जातक अपनी स्थिति को सम्हाल सकता है।


चौथा बिंदु है ३, ६, ७, ८ और १२ भाव की स्थितियां।


पांचवा बिंदु राशियां हैं मैंने अपने अनुभव में ये देखा है कि जल तत्वीय राशियों के जातकों में अगर उपरोक्त स्थितियां खराब हो तो प्रेत बाधाएं होने के ज्यादा चांसेज बनते हैं। 


आचार्य दीपक सिक्का 

संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी 

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