महाभारत का सार
ॐ नमः शिवाय
महाभारत का सार — नौ अनमोल जीवन सूत्र
महाभारत केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि जीवन, धर्म, कर्तव्य और नीति का महासागर है। पाँच लाख से अधिक श्लोकों में समाहित इस महाग्रंथ का सार इन नौ सूत्रों में समझिए —
आप किसी भी धर्म के हों, चाहे स्त्री हों या पुरुष, गरीब हों या अमीर, देश में हों या विदेश में —
यदि आप इंसान हैं, तो ये 9 जीवन सूत्र आपके लिए हैं।
1️⃣
यदि आप समय रहते अपने बच्चों की अनुचित इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं करेंगे, तो अंततः असहाय हो जाएंगे —
कौरव
2️⃣
आप कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, यदि अधर्म का साथ देंगे तो आपकी शक्ति व्यर्थ हो जाएगी —
कर्ण
3️⃣
अपने बच्चों को इतना अहंकारी न बनने दें कि उनका ज्ञान विनाश का कारण बन जाए —
अश्वत्थामा
4️⃣
ऐसे वचन कभी न दें, जो आपको अधर्मियों के आगे झुकने पर मजबूर कर दें —
भीष्म
5️⃣
धन, शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग अंततः विनाश की ओर ले जाता है —
दुर्योधन
6️⃣
सत्ता कभी ऐसे व्यक्ति को न दें जो स्वार्थ, मोह या अहंकार में अंधा हो —
धृतराष्ट्र
7️⃣
ज्ञान के साथ विवेक हो तो विजय निश्चित है —
अर्जुन
8️⃣
छल और धोखा स्थायी सफलता नहीं दे सकते —
शकुनि
9️⃣
यदि आप धर्म, कर्तव्य और नैतिकता का पालन करते हैं, तो कोई भी शक्ति आपको पराजित नहीं कर सकती —
युधिष्ठिर
आपका अपना
आचार्य दीपक सिक्का
संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी
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